आस्था-अध्यात्म की आभा से दीप्त 'तीर्थराज' प्रयागराज महाकुम्भ-2025 के तृतीय दिवस की रात्रि पर अद्भुत, अलौकिक, आनंदित करने वाली छटा... हिंदू हम सब एक हिंदू हम सब एक बताओ कौन दलित ,कौन अगड़ा,कौन पिछड़ा ,कौन ब्राह्मण ?कौन शूद्र,कौन क्षत्रिय कौन वैश्य ? किसने किसको छूने से रोका ? किसने किसका छुआ भोजन नहीं खाया ? किसने किसका छुआ पानी नहीं पिया,? किसने किसकी मदद नहीं की? किसने किसको रोका? हम सभी हिंदुओं ने अपने हिंदू धर्म का पालन करते हुए ब्राह्मण,क्षत्रिय वैश्य,शूद्र, बाजपेई,बने रहते हुए कच्छवाह,यादव,पटेल,रैदास , बढ़ाई लोहार,कहार,केवट,पासवान,वाल्मीकि होते हुए डीएम,मैनेजर,क्लर्क,चपरासी,दरोगा,वकील डाक्टर, इंजीनियर होते हुए भी सनातनी हिंदू के समग्र रूप में एक साथ घाट पर स्नान किया एक साथ एक ही स्थान पर देवी देवताओं की पूजा की सबने अपने पितरों को जलांजलि दी सबने अपने संतों का सम्मान किया सबने एक साथ एक ही स्थान पर भोजन ग्रहण किया सबने एक दूसरे के हित का ध्यान रखा और यह केवल आज ही नहीं हुआ बल्कि आदि काल से होता आ रहा है और अनंत काल तक आगे भी होता रहेगा एकता का अर्थ है...